अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में सामान्य जनजीवन शुरू करने के लिए तीन चरणों की एक योजना का प्रस्ताव रखा है.

ट्रंप ने "ओपनिंग अप अमेरिका अगेन" योजना के तहत स्कूल और दफ़्तर फिर से खोलने के लिए तीन चरणों का प्रस्ताव पेश किया है और सभी राज्यों से गुज़ारिश की है कि वो इन सुझावों को लागू करने के बारे में विचार करें. योजना के अनुसार सभी चरण कम से कम 14 दिनों तक लागू रहेंगे.
गुरुवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने इस योजना के बारे में विस्तार से बताया. ट्रंप का कहना था कि लंबे वक़्त तक अर्थव्यवस्था को बंद रखना कोरोना संकट से निपटने का उचित उपाय नहीं है.
दुनिया भर में कोरोना के संक्रमितों की संख्या 21.51 लाख से ज़्यादा हो गई है. कोरोना वायरस से अब तक 1.43 लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
कोरोना से सबसे ज़्यादा शिकार अमरीका के लोग हुए हैं, जहां 32 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यहां साढ़े छह लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं.

क्या है ट्रंप की योजना?
योजना के पहले चरण में सोशल डिस्टेंन्सिंग के नियमों को लागू करने की बात की गई है जिस दौरान स्कूल और दफ़्तर बंद रखे जाएंगे.
अगर इस क़दम से राज्यों में संक्रमण के मामलों में कमी देखी जाती है तो राज्य दूसरे चरण को लागू करने के बारे में विचार कर सकते हैं. इसके तहत सीमित संख्या में कर्मचारियों के साथ कुछ दफ़्तरों को खुलने की इजाज़त दी जाएगी. साथ ही 50 से अधिक लोगों के एक जगह पर एकत्र होने संबंधी पाबंदियां लागू रहेंगी.
तीसरे चरण में सभी दफ़्तरों को सामान्य रूप से काम करने की इजाज़त होगी और इस दौरान अस्पतालों और बुज़ुर्गों के लिए केयर होम में लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां नहीं रहेंगी. इस दौरान जिन लोगों को संक्रमण का ख़तरा है उन्हें सावधानी लेने की सलाह दी जाएगी.
ट्रंप के योजना के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होने की शुरुआत एक मई से हो सकती है.
राज्यों के गवर्नर पर छोड़ा फ़ैसला
इससे पहले सभी राज्यों के गवर्नरों के साथ ट्रंप ने चर्चा की थी और नागरिकों पर लगाई गई पाबंदियां हटाने का फ़ैसला राज्यों के गवर्नरों पर छोड़ने के लिए सहमत हो गए थे.
ट्रंप ने कहा था कि राज्यों में पाबंदियां हटाने के बारे में वो ख़ुद फ़ैसला ले सकते हैं. बाद में वो इस बात पर राज़ी हो गए कि ये फ़ैसला राज्य के गवर्नर का होना चाहिए और सरकार इस मामले में केवल दिशानिर्देश जारी कर सकती है.
चर्चा के दौरान गवर्नरों से उन्होंने कहा, "इस योजना पर आप ज़रूरत के अनुसार अमल करेंगे, हम मात्र आपकी मदद कर रहे हैं. आपकी ज़रूरत का सामान जो आपको चाहिए, हम वो सप्लाई करेंगे."
संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप के साथ सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल ऐंड प्रीवेन्शव के निदेशक एंथोनी फ़ाउची और कोरोना वायरस टास्कफ़ोर्स की संयोजक डॉक्टर डेबोरा ब्रिक्स भी मौजूद थीं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि "हमने एक जंग जीतने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था बंद की थी और हम ये जंग जीत रहे हैं. लेकिन अब देश पर से पाबंदियां हटानी होंगी. हमें अपनी अर्थव्यवस्था को चलाए रखना होगा और हमें ये जल्द करनाहोगा."
उन्होंने कहा कि सभी राज्य अपनी स्थिति का आकलन करने के बाद अलग-अलग वक़्त पर पाबंदियां हटाना शुरु करेंगे.
उन्होंने कहा "सभी राज्य अलग हैं" और जहां कुछ राज्यों में जल्दी काम शुरू हो सकता है वहीं दूसरें राज्यों में इसमें थोड़ा वक़्त लग सकता है.
संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर भी आरोप लगाया और कहा कि अमरीका को तैयारी करने का पूरा वक़्त नहीं दिया गया. उन्होंने कहा, "मैं नाराज़ हूं क्योंकि उन्हें अमरीका को और पूरी दुनिया को इस संकट के बारे में पहले ही बताना चाहिए था."
हालांकि व्हाइट हाउस मेमो के अनुसार इसी साल जनवरी में अमरीका को कोराना वायरस के बढ़ते संकट के बारे में बताया गया था. आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने चीन और अमरीका के बीच हवाई संपर्क पर तुरंत रोक लगा दी लेकिन इसके बाद मार्च के महीने तक कोरोना से निपटने के लिए जो महत्वपूर्ण समय था उसे वेस्ट कर दिया.

'खेल अभी ख़त्म नहीं हुआ है'
कोरोना वायरस टास्कफ़ोर्स की संयोजक डॉक्टर डेबोरा ब्रिक्स ने कहा कि योजना के अनुसार इन तीन चरणों में काम करते हुए राज्य चरणबद्ध तरीक़े से कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए इजाज़त दे सकते हैं.
लेकिन तीसरे चरण में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन की सलाह दी जाएगी.
सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल ऐंड प्रीवेन्शव के निदेशक एंथोनी फ़ाउची ने कहा कि "आप इस योजना को जो चाहें कह लें लेकिन ये खेल अभी ख़त्म नहीं हुआ है."
वो चेतावनी देते हैं कि ये वायरस एक बार फिर सिर उठा सकता है और इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
हालांकि वो कहते हैं कि जब तक इस वायरस के लिए टीका नहीं बन जाता तब तक "मुझे लगता है कि हम स्थिति पर नियंत्रण रख सकते हैं."
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